अवैध निर्माण करने वालों के सामने घुटने टेकता महानगर पालिका प्रशासन
नियमों का पाठ पढ़ाने वाले IAS आयुक्त भी अवैध निर्माण कार्य पर चुप क्यों?

चंद्रपुर :- चंद्रपुर शहर के मुख्य मार्ग कस्तूरबा रोड पर चल रहे अवैध निर्माण कार्य पर महानगर पालिका प्रशासन घनघोर चुप्पी साधे बैठा हुआ है। महानगर पालिका प्रशासन के आला अफसर इस अवैध निर्माण कार्य पर कार्रवाई करने से बचते नजर आरहे है। साथ ही अतिक्रमण दस्ता दिखावे की कार्रवाई निकल जाता है। और निर्माण उसी तरह बे खौफ रात के समय नियमित जारी है। मानो इस अवैध निर्माण करता पर महानगर पालिका चंद्रपुर प्रशासन का किसी भी तरह का डर खौफ नहीं है। खुले आम रात के समय धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी है। और स्थानिकों की शिकायत के बावजूद महानगर पालिका चंद्रपुर का लाचार प्रशासन चुप्पी साधे बैठा हुआ है। मानो ऐसा प्रतीत हो रहा है कि चंद्रपुर शहर में महानगर पालिका प्रशासन नाम और निर्माण कार्य के कुछ नियम है ही नहीं। जिस तरह की गति से यह निर्माण कार्य किया जा रहा है। उससे ऐसा लगता है चंद्रपुर महानगर पालिका प्रशासन ने अवैध निर्माण करता के सामने अपने घुटने टेक दिए हो।
नियमों का पाठ पढ़ाने वाले IAS आयुक्त नरेश अकुनूरी महोदय अवैध निर्माण पर चुप क्यों?
चंद्रपुर शहर महानगरपालिका में पहली बार आयुक्त के पद पर किसी IAS अफसर ने पदभार संभाला है। जैसे ही ias आयुक्त महोदय ने जिम्मेदारी संभाली उसके चंद दिनों बाद ही अफसरों को नियमों का पाठ पढ़ाते हुए समय पर नहीं आने पर कार्यालय का दरवाज़ा बंद कर दिया और पूरे शहर में वाहवाई बटोरी। सामान्य नागरिकों ने यह देख ias अफसर के आने से प्रशासन में परिवर्तन की उम्मीदें लगाई। पर जैसे जैसे वक्त बीतता गया वैसे वैसे चंद्रपुर शहर की भ्रष्टाचार की हवा शायद IAS आयुक्त नरेश अकुनूरी साहब को भी लग गईं? और हालत अब दोबारा जो कि तो होते नजर आरहे है। स्थानिकों द्वारा शिकायत करने पर भी अगर कार्रवाई नहीं की जाती है तो ऐसे IAS अफसर का क्या ही फायदा ऐसी चर्चा स्थानिकों दबे आवाज में की जा रही है।
सहायक आयुक्त उपायुक्त बने मूकदर्शक
इस संदर्भ में स्थानिकों ने सहायक आयुक्त और उपायुक्त को शिकायत की थी। पर इन दिनों आला अफसरों द्वारा इस अवैध निर्माण कार्य पर किसी भी तरह की सख्त कार्रवाई नजर नहीं आई। मानो ज़ोन नं २ के सहायक आयुक्त शुभांगी सूर्यवंशी और उपायुक्त संदीप चिद्रवार दोनों भी मूकदर्शक बन कर चंद्रपुर महानगर पालिका प्रशासन के नियमों की धज्जियां उड़ते हुए देख रहे है।


