
मुंबई : महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखा, तंबाकू और निकोटीनयुक्त पान मसाला के अवैध कारोबार पर अब और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने राज्यभर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संगठित तरीके से गुटखा, तंबाकू और अन्य प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों का उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री करने वाले नेटवर्क के खिलाफ पात्र मामलों में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की जाए।
आयुक्त मुंढे ने कहा कि गुटखा और तंबाकू उत्पाद सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। राज्य में इन उत्पादों पर प्रतिबंध होने के बावजूद कुछ गिरोह संगठित तरीके से आर्थिक लाभ के लिए इनका अवैध व्यापार कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि ऐसे मामलों में केवल फुटकर विक्रेता ही नहीं, बल्कि निर्माता, आपूर्तिकर्ता, वित्तपोषक, परिवहनकर्ता, गोदाम संचालक और थोक व्यापारी भी शामिल रहते हैं।
FDA, पुलिस और अन्य एजेंसियों की कार्रवाई में यह भी पाया गया है कि कई मामलों में फर्जी दस्तावेज, फर्जी बिल, बेनामी लेन-देन, डमी कंपनियां और अंतरराज्यीय सप्लाई चेन का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे मामलों को अब केवल खाद्य सुरक्षा उल्लंघन नहीं, बल्कि संगठित अपराध के रूप में भी जांचा जाएगा।
मुंढे ने निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों से जुड़े प्रत्येक मामले में अधिकारियों को यह जांचना होगा कि मकोका लगाने की पात्रता बनती है या नहीं। यदि मामला संगठित अपराध की श्रेणी में आता है तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के साथ-साथ मकोका के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल छोटे दुकानदारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे नेटवर्क को कानून के दायरे में लाया जाएगा। उत्पादकों, वित्तपोषकों, बड़े सप्लायरों, परिवहनकर्ताओं, गोदाम संचालकों, थोक और फुटकर विक्रेताओं की पूरी श्रृंखला की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राज्य के प्रत्येक जिले में ऐसे मामलों की अलग से रिकॉर्ड व्यवस्था बनाई जाएगी। वहीं सह आयुक्त स्तर पर जिलावार समीक्षा कर हर महीने रिपोर्ट आयुक्त कार्यालय को भेजी जाएगी।
आयुक्त तुकाराम मुंढे ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून का पालन करने वाले व्यापारियों को परेशान करना प्रशासन का उद्देश्य नहीं है। लेकिन सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों का संगठित कारोबार करने वालों के खिलाफ कठोर और साक्ष्य आधारित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू का अवैध व्यापार केवल खाद्य सुरक्षा का उल्लंघन नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के खिलाफ गंभीर संगठित अपराध माना जाएगा।

