
अतिक्रमण दस्ते ने दिखावे की कार्रवाई कर सहायक आयुक्त का उड़ाया मजाक
अवैध निर्माण करने वाले बे लगाम
चंद्रपुर :- चंद्रपुर शहर के मुख्य मार्ग पर स्टेट बैंक के सामने संजय लस्सी के बगल में अवैध निर्माण कार्य बुलेट ट्रेन की गति से जारी है। और उससे विपरीत महानगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई कछुआ गति से की जा रही है। पिछली खबर में अवैध निर्माण करता द्वारा रात के समय में निर्माण कार्य करने की खबर प्रकाशित की गईं थी। और इसकी जानकारी महानगर पालिका के नगर रचना विभाग के अधिकारी प्रतीक देवतले और सहायक आयुक्त शुभांगी सूर्यवंशी को दी गई थी। जिसपर सहायक आयुक्त सूर्यवंशी ने जप्ती की कार्रवाई करने का आदेश नगर रचना विभाग के अधिकारी प्रतीक देवतले को दिया पर अतिक्रमण दस्ते ने दिखावे की कार्रवाई कर सहायक आयुक्त के आदेश को ठेंगा दिखाया। और सहायक आयुक्त शुभांगी सूर्यवंशी के आदेश का सरेआम मजाक उड़ाया।
क्या है मामला और क्यों नहीं कर रहा मनपा प्रशासन कार्रवाई?
इस अवैध निर्माण कार्य के खिलाफ स्थानीय नागरिकों द्वारा पूर्व आयुक्त विपिन पालीवाल को एक ज्ञापन सौंपा गया था और ज्ञापन में इस अवैध निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के मांग की गई थी। पूर्व आयुक्त द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए इस अवैध निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई थी। जिसके चलते काफी महीनों से यह निर्माण कार्य बंद रहा पर अब बगैर किसी वैध अनुमति के इसे दोबारा से रात के वक्त शुरू कर दिया गया। और स्थानिकों का कहना है कि इस निर्माण कार्य के लिए महानगर पालिका के नगर रचना विभाग के अधिकारी और अतिक्रमण दस्ते के अधिकारियों ने मोटी रक्कम निर्माण करता से वसूली है। जिसके चलते बे खौफ हो कर यह निर्माण कार्य जारी है। स्थानिकों में यह भी चर्चा है कि इस निर्माण करता द्वारा सहायक आयुक्त और आयुक्त को भी मोटी रक्कम निर्माण हेतु दी गई है। जिसके वजह से महानगर पालिका प्रशासन के अधिकारी इस निर्माण कार्य पर अनदेखी कर रहे है। महानगर पालिका प्रशासन के अतिक्रमण दस्ते द्वारा जैसी कार्रवाई देखी गई। इससे यह कही न कही साबित होता है कि इस अवैध निर्माण कार्य को महानगर पालिका प्रशासन का अंदरूनी पूरा समर्थन हासिल है? शायद इसलिए भी यह अधिकारी इस अवैध निर्माण कार्य पर बुलडोजर की कार्रवाई करने से कतरा रहे है।
अवैध निर्माण करने वाले बे लगाम
महानगर पालिका के पीछे वाले हिस्से में यानि जामा मस्जिद के सामने लू लू मॉल का निर्माण भी काफी विवादों में रहा। बताया जाता है कि यहां निर्माण करना पुरातन विभाग के नियमों का उल्लंघन है। जिसपर महानगर पालिका प्रशासन द्वारा कार्रवाई तो की गई। पर निर्माण कार्य रोकने में प्रशासन असफल रहा। और अब उसी मालिक द्वारा बगैर अनुमति के दोबारा बगैर वैध अनुमति के निर्माण कार्य कर महानगर पालिका प्रशासन को खुली चुनौती देता नजर आर हा है। साथ ही एक और अवैध निर्माण कार्य करने की तैयारी नजर आरही है। जिस तरह से एक के बाद एक अवैध निर्माण कार्य एक ही मालिक द्वारा दिखाई दे रहे है। उससे महानगर पालिका प्रशासन की लाचारी जग जाहिर होती नजर आरही है। अब तक के इतिहास में इतना लाचार महानगर पालिका प्रशासन कभी दिखाई नहीं दिया। जो कि एक IAS आयुक्त के कार्यकाल में नजर आरहा है। जो कि बड़ा ही चिंता का विषय है।
आयुक्त नरेश अकुनूरी IAS करेंगे कार्रवाई?
जिस तरह से अवैध निर्माण कार्य किए जा रहे है। और स्थानिकों के शिकायतों के बावजूद उनपर नकेल नहीं कसी जा रही हैं। इससे नागरिकों का विश्वास महानगर पालिका प्रशासन से उठता नजर आर हा है। अगर IAS अधिकारी आने के बावजूद भी परिस्थिति जो कि तो है। तो इतने पढ़े लिखे अधिकारी का क्या फायदा ऐसा सवाल सामान्य नागरिकों द्वारा उठाया जा रहा हैं। अब देखना यह है कि क्या मामले का संज्ञान लेते हुए आयुक्त नरेश अकुनूरी IAS इस अवैध निर्माण कार्य पर कार्रवाई करेंगे? महानगर पालिका प्रशासन पर से जनता हुआ उठता हुआ विश्वास दोबारा जितने में सफल होंगे? जांच का विषय

