शहर के बीचों बीच आधी रात चल रहा अवैध निर्माण
महानगर पालिका चंद्रपुर के आंख में चोली या फिर भर दी गई घुस से झोली?

चंद्रपुर :- चंद्रपुर शहर के बीचों-बीच स्थित मुख्य मार्ग पर एक बार फिर कथित अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सामने देर रात निर्माण कार्य किए जाने से शहर में चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है।
सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि संबंधित निर्माण कार्य के लिए महानगर पालिका प्रशासन से कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी। और निर्माण कार्य के लिए लगने वाले वैध दस्तावेज नहीं होने के चलते पहले ही इस कार्य को महानगर पालिका प्रशासन द्वारा अवैध घोषित कर रोक लगा दी गई थी। प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए निर्माण पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन अब वही काम रात के अंधेरे में दोबारा शुरू कर दिया गया है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि दिन में बंद रहने वाला यह निर्माण कार्य रात के समय तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों में चर्चा है कि क्या यह सब प्रशासन की अनदेखी है या फिर किसी प्रकार की मिलीभगत?
हाथ ठेले वालों पर नियम का धौंस बताने वाला अतिक्रमण दस्ता नदारत क्यों?
चंद्रपुर महानगर पालिका प्रशासन का अतिक्रमण दस्ता बाजारों में और गली में हाथ ठेले पर व्यवसाय करने वालो पर कड़ी कार्रवाई कर नियमों का पाठ पढ़ाता है। पर अब शहर के मुख्य मार्ग पर चल रहा अवैध निर्माण कार्य इसे नजर क्यों नहीं आरहा? क्या कार्रवाई और नियम केवल गरीब नागरिकों पर ही लागू होते है? क्या अमीरों के लिए कोई कानून नहीं? या फिर आयुक्त और महापौर ने अपनी झोली भरने के कारण अपनी आंख मिचली है? जांच का विषय

