चंद्रपुर महानगर पालिका उपायुक्त द्वारा सूचना अधिकार कानून की हत्या
अपीलकर्ता को दी 353 के तहत मामला दर्ज करने की धमकी चंद्रपुर में लोकशाही या राजशाही अपीलकर्ता अय्यूब भाई कच्छी का सवाल

चंद्रपुर :- चंद्रपुर शहर के महानगर पालिका के उपायुक्त संदीप चिद्रवार ने अब तक का सबसे बड़ा कारनामा कर के दिखाया है। चंद्रपुर शहर में लोकशाही खत्म कर अधिकारियों की राजशाही चलाने का प्रयास महापालिका के उपायुक्त संदीप चिद्रवार द्वारा किया जा रहा है।
मामला कुछ यह है कि सूचना का अधिकारी 2005 कानून के तहत अपीलकर्ता ने कानून के मुताबिक सूचना मांगी थी। जिसपर महापालिका के लोक सूचना अधिकारी द्वारा अधूरी और गुमराह करने वाली जानकारी अपीलकर्ता को दी गई। जिसपर सूचना अधिकार कानून के तहत नियम मुताबिक अपीलकर्ता द्वारा प्रथम अपील दायर की जिसके बाद तारीख 25/ 06/ 2026 को प्रथम अपील का आयोजन किया गया था। जिसपर प्रथम अपीलीय प्राधिकारी स्वयं ही नदारत नजर आए। बाद में प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए वह अपील तारीख 07/07/2026 को उपायुक्त संदीप चिद्रवार के केबिन में रखी गई थी।
अपील में अपीलकर्ता का पक्ष प्रथम अपीलीय प्राधिकारी द्वारा नहीं सुना गया और अपने अधिकार का गलत फायदा उठाते हुए बगैर लोक सूचना अधिकारी के उपस्थिति में फैसला प्रथम अपीलीय प्राधिकारी तथा उपायुक्त महानगर पालिका चंद्रपुर द्वारा संदीप चिद्रवार द्वारा सुना दिया गया। जिसका अपीलकर्ता द्वारा विरोध करने पर धारा (३५३) यानी शासकीय काम में बाधा डालने का मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की धमकी अपीलकर्ता अय्यूब भाई कच्छी को दी गई। साथ ही मैं अपीलीय प्राधिकारी हु मै जैसे चाहूं वैसा फैसला दे सकता हु। तुम जिसे चाहे उसे शिकायत करो जैसे शब्दों में वार्ता प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा की गई।
महापालिका के उपायुक्त संदीप चिद्रवार और लोक सूचना अधिकारी पर जानकारी छुपाने का आरोप अपीलकर्ता अय्यूब भाई कच्छी द्वारा लगाया गया है। एक संवैधानिक पद पर बैठे हुए अधिकारी द्वारा इस भाषा और बरताव का पुरजोर विरोध अपीलकर्ता अय्यूब भाई कच्छी द्वारा किया गया।
अपीलकर्ता अय्यूब भाई कच्छी ने कहा कि चंद्रपुर में लोकशाही है या राजशाही? सूचना प्राप्त करना यह सामान्य नागरिकों का अधिकार है। जिसकी इजाजत भारत का संविधान और कानून देता है। साथ ही आज चंद्रपुर महापालिका के उपायुक्त संदीप चिद्रवार के केबिन में जो घटना हुई है। यह घटना सूचना अधिकारी कानून और भारतीय संविधान की हत्या है। ऐसे कानून की धज्जिया उड़ाने वाले और कुर्ची की मस्ती दिखाने वाले अधिकारी को तुरंत सस्पेंड करने की मांग भी इस समय अपीलकर्ता अय्यूब भाई कच्छी द्वारा की गई। साथ ही जल्द इसकी शिकायत राज्य सूचना आयोग केंद्रीय मुख्य सूचना आयोग सहित राज्य के मुख्य मंत्री और प्रधान सचिव को की जाएगी ऐसा अपीलकर्ता अय्यूब भाई कच्छी द्वारा कहा गया है। और जल्द ही इसपर एक दिवसीय धरना आंदोलन भारतीय ऑल मीडिया सुरक्षा फोरम ऑफ इंडिया द्वारा किए जाने की चेतावनी भी अपीलकर्ता द्वारा दी गई है।

