google.com, pub-7118703508047978, DIRECT, f08c47fec0942fa0
आपला जिल्हा

15 लाख का लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों की ठगी, साइबर पुलिस ने पुणे से शातिर आरोपी को दबोचा

चंद्रपुर | प्रतिनिधि

हार्वेस्टर मशीन खरीदने के लिए लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को चंद्रपुर साइबर पुलिस ने पुणे से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को एक प्रतिष्ठित फाइनेंस कंपनी का अधिकारी बताकर किसानों और मशीन विक्रेताओं को अपने जाल में फंसाता था।

 

मामले के अनुसार, बाबूपेठ निवासी एक हार्वेस्टर मशीन विक्रेता को उनके ग्राहकों के माध्यम से हेमंत जोशी नामक व्यक्ति का संपर्क मिला। उक्त व्यक्ति ने स्वयं को पुनावाला फिनकॉर्प लिमिटेड, नागपुर का कर्मचारी बताकर विश्वास हासिल किया। हार्वेस्टर खरीदने के इच्छुक ग्राहकों को लोन की आवश्यकता होने पर विक्रेता ने उसका संपर्क ग्राहकों से कराया।

आरोपी ने ग्राहकों के घर जाकर उनसे मुलाकात की और फर्जी लोन एग्रीमेंट तैयार किए। इसके बाद उसने व्हाट्सएप के माध्यम से नकली ‘लोन सैंक्शन लेटर’ भेजकर 15 लाख रुपये का लोन मंजूर होने का दावा किया।

आरोपी ने राशि खाते में जमा कराने के लिए डाउन पेमेंट के रूप में 4 लाख 46 हजार 250 रुपये जमा करने को कहा। यह राशि ‘वृषभ ईखार, जनरल मैनेजर, पुनावाला फिनकॉर्प लिमिटेड’ के नाम पर बताए गए बैंक खाते में जमा कराई गई। पीड़ित ग्राहक से नकद राशि प्राप्त कर हार्वेस्टर विक्रेता ने 16 मई 2026 को अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप के माध्यम से IMPS द्वारा उक्त रकम आरोपी के खाते में स्थानांतरित कर दी।

राशि प्राप्त होने के बाद आरोपी ने 18 मई 2026 को लोन वितरण और मशीन डिलीवरी से संबंधित फर्जी स्वीकृति पत्र तथा वाहन डिलीवरी ई-मेल भी भेजे। लेकिन 19 मई से आरोपी का मोबाइल फोन बंद आने लगा। संदेह होने पर जब पुनावाला फिनकॉर्प लिमिटेड, नागपुर कार्यालय में जांच की गई तो पता चला कि हेमंत जोशी नाम का कोई कर्मचारी वहां कार्यरत ही नहीं है और प्रस्तुत सभी दस्तावेज पूरी तरह फर्जी हैं।

अपने साथ ठगी होने का एहसास होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और चंद्रपुर शहर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

पीड़ित की शिकायत के आधार पर चंद्रपुर शहर पुलिस ने 03 जून 2026 को आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 0660/2026 दर्ज किया। आरोपी पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट), 2000 की धारा 66(डी) के तहत कंप्यूटर संसाधनों का उपयोग कर प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) के माध्यम से धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 3(5) (समान उद्देश्य से की गई सामूहिक कार्रवाई) तथा धारा 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत भी अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच साइबर पुलिस स्टेशन को सौंप दी। साइबर पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और गहन जांच के आधार पर आरोपी विनोद शांताराम गडाख पाटील (44 वर्ष), निवासी बाणेर, पुणे का पता लगाकर उसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने महाराष्ट्र के नासिक, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, मध्य प्रदेश के इंदौर तथा गुजरात के वडोदरा सहित विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग नामों से लोगों को ठगा है। आरोपी हेमंत जोशी, हेमंत पवार, रणवीर सिंह सिकरवार, राम हरि चंद, मयंक वानखेडे, अभिषेक शर्मा, जितेंद्र श्रीवास्तव, निखिल यादव, विठ्ठल पाटील और विनोद पाटील जैसे कई नामों का उपयोग कर लोगों को अपना शिकार बनाता था।

जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 238(सी), 336(2), 338 तथा 340 के तहत अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी गई हैं। मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस द्वारा गंभीरता से की जा रही है।

आरोपी विनोद शांताराम गडाख पाटील को 17 जून 2026 की रात लगभग 10 बजे पुणे से गिरफ्तार कर 18 जून 2026 को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी, चंद्रपुर के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय ने आरोपी को 22 जून 2026 तक पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

यह कार्रवाई चंद्रपुर के पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकड़े के मार्गदर्शन तथा पुलिस निरीक्षक सुनील गाडे के नेतृत्व में साइबर पुलिस टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दी।

नागरिकों से अपील

चंद्रपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा फोन, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से दिए जाने वाले लोन प्रस्तावों पर भरोसा न करें। किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था के नाम पर धनराशि जमा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें। यदि किसी प्रकार की ऑनलाइन ठगी का शिकार होते हैं तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।

Share
Back to top button